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Showing posts from November, 2025

Vishok Shri Vishnu Mantra

"विशोक श्री विष्णु"   जिसका अर्थ है "हे भगवान विष्णु, मेरे सारे शोक और दुःख दूर कर दीजिए"। 

त्वमस्मिन् कार्यनिर्योगे - KARYA SIDDHI HANUMAN MANTRA

  त्वमस्मिन् कार्यनिर्योगे प्रमाणं हरिसत्तम । हनुमान् यत्नमास्थाय दुःख क्षयकरो भव ॥ Tvamasmin Kaarya Niryoge Pramaanam Hari Sattama Hanuman Yatna Maasthaaya Dukha Kshaya Karo Bhava

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय

  ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय । सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥

यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं

यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकांजलिम् । बाष्पवारि परिपूर्ण लोचनं मारुतिं नमत राक्षसांतकम् ।। yatra yatra raghun ā thak ī rtana ṃ tatra tatra k ṛ tamastak āṃ jalim . b āṣ pav ā ri parip ū r ṇ a locana ṃ m ā ruti ṃ namata r ā k ṣ as āṃ takam 

असाध्य साधक स्वामिन

असाध्य साधक स्वामिन,  असाध्य तव किंवद राम दूत कृपा सिंधो, मत्कार्यं साध्यप्रभो || A SADHYA SADHAKA SWAMIN,  ASADHYAM TAWA KIM VADA RAMA DOOTA KRUPAA SINDHO, MAT KARYAM SADHAYA PRABHO  

श्री हनुमान चालीसा

  ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥   ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमति के संगी ॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा । कानन कुण्डल कुँचित केसा ॥४ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै । काँधे मूँज जनेउ साजै ॥ शंकर स्वयं/सुवन केसरी नंदन । तेज प्रताप महा जगवंदन ॥ बिद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥८ सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचन्द्र के काज सँवारे ॥ लाय सजीवन लखन जियाए । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥ जम कुबेर दिगपाल ज...

मनोजवं मारुततुल्यवेगं

मनोजवं   मारुततुल्यवेगं      जितेन्द्रियं   बुद्धिमतां   वरिष्ठ   । वातात्मजं   वानरयूथमुख्यं     श्रीरामदूतं   शरणं   प्रपद्ये   ।    

Vishnu - Venkateswara Mantra

Om Namo Venkatesaaya Kaamitaartha Pradhaayine Pranatah Klesa Naasaaya Govindaaya Namo Namaha.. “   “.. ऊँ नमो वेङ्कटेशाय कामितार्थ प्रदायिने…प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः ..” “Om Namo Venkateshaya”

Vishnu : श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी.. भजन (Shri Man Narayan Narayan Hari Hari)

  श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी - x2 तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी - x2   भजमन नारायण नारायण हरी हरी - 2 जय जय नारायण नारायण हरी हरी - 2 श्रीमान नारायण नारायण हरी हरी - 2   हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा - x2   लक्ष्मी नारायण नारायण हरी हरी - 2 बोलो नारायण नारायण हरी हरी - 2   भजो नारायण नारायण हरी हरी - 2 जय जय नारायण नारायण हरी हरी - 2 श्रीमान नारायण नारायण हरी हरी - 2   तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी - 2 श्रीमान नारायण नारायण हरी हरी - 2   हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा हरी ॐ नमो नारायणा ॐ नमो नारायणा - x2   सत्य नारायण नारायण हरी हरी - 2 जपो नारायण नारायण हरी हरी - 2 भजो नारायण नारायण हरी हरी - 2 जय जय नारायण नारायण हरी हरी - 2 श्रीमान नारायण नारायण हरी हरी - 2   तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरी हरी - 2 श्रीमान नारायण नारायण हरी हरी - 2   हरी ॐ नमो नारायणा ...

अपराजिता मंत्र

  " ॐ क्रीं अपराजितायै फट्"

Tirupati Balaji Gayatri Mantra

  For good growth and success in business. Recite or listen to Tirupati Balaji Gayatri Mantra 108 times a day    Om Jai Balaji Vidamahe Venkteshay Dheemahe Tanno Vishnu Prachodayat

Vishnu Mantras

  ·      ॐ नमोः नारायणाय॥ ·      ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥ ·      ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥   ·      मङ्गलम् भगवान विष्णुः , मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः , मङ्गलाय तनो हरिः॥ ·        || श्री कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः ॥ || वसुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्। देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ।। ॥ भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम् । तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम् ॥ ॥ राघवं रामचंद्रमच रावणारिम् रमापतिम राजीवलोचनम रामं तं वन्दे रघुनन्दनम् ।।     || आकाशात् पतितं तोयं यथा गच्छति सागरम् । सर्वदेहनमस्कारः केशवं प्रतिगच्छति ॥ ॥ यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्भुवा नीतिर्मतिर्मम ||     ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्त्रये अमृतकलश हस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नम...

Vishnu : सच्चिदानंद रूपाय

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे ! तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम : !!

Bhagwan Vishnu - शुक्लाम्बरधरं विष्णुं

शुक्लाम्बरधरं   विष्णुं   शशिवर्णं   चतुर्भुजम्   । प्रसन्नवदनं   ध्यायेत्   सर्वविघ्नोपशान्तये   ॥ शान्ता कारं भुजग शयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम् । लक्ष्मी कान्तं कमल नयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैक नाथम् ॥

Ganesh Mantra - श्लोक

ॐ गजाननं भूंतागणाधि सेवितम्, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम्। उमासुतम् शोक विनाश कारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥   Gaja-[A]ananam Bhuuta-Ganna-[A]adi Sevitam Kapittha-Jambuu-Phala-Saara Bhakssitam | Umaa-Sutam Shoka Vinaasha-Kaarannam Namaami Vighne[a-I]shvara Paada-Pangkajam ||     गजाननं भूतगणादि सेवितं , कपित्थजम्बूफलसार भक्षितम् । उमासुतं शोकविनाशकारणं , नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥   ଗଜାନନଂ ଭୂତଗଣାଦି ସେବିତଂ , କପିତ୍ଥଜମ୍ବୂଫଲସାର ଭକ୍ଷିତମ୍ । ଉମାସୁତଂ ଶୋକବିନାଶକାରଣଂ , ନମାମି ବିଘ୍ନେଶ୍ୱର ପାଦପଙ୍କଜମ୍ ॥   अगजानन पद्मार्कं गजाननं अहर्निशम् । अनेकदंतं भक्तानां एकदन्तं उपास्महे ॥ Agaja-[A]anana Padma-Arkam Gaja-[A]ananam Aharnisham | Aneka-Dam-Tam Bhaktaanaam Eka-Dantam Upaasmahe ||   मूषिकवाहन मोदकहस्त , चामरकर्ण विलम्बितसूत्र । वामनरूप महेश्वरपुत्र , विघ्नविनायक पाद नमस्ते ॥ Muussika-Vaahana Modaka-Hasta Caamara-Karnna Vilambita-Suutra | Vaamana-Ruupa Maheshvara-Putra Vighna-Vinaayaka Paada Namaste || ...

Ganesh Mantra

·        वक्रतुंड महाकाय , सूर्य कोटि समप्रभ निर्विघ्नम कुरू मे देव , सर्वकार्येषु सर्वदा।। ·        ॐ गं गणपतये नम:। ·        ऊँ श्री गणेशाय नम: . ·        ॐ लम्बोदराय नमः ·        ऊँ नमो भगवते गजाननाय . ऊँ वक्रतुण्डाय हुम् . ·        ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा। ·        ॐ वक्रतुंडा हुं। ·        ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।   ·        सिद्ध लक्ष्मी मनोरहप्रियाय नमः। ·        ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।। ·        ॐ एकदन्ताय विद्धमहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ति प्रचोदयात् . ·        ॐ नमो सिद्धि विनायकाय सर्व कार्य कर्त...

शुभं करोति कल्याणम

  शुभं करोति कल्याणम आरोग्यं धनसंपदा | शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ||   दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥

Daily Shlokams

  कराग्रे वसते लक्ष्मिः करमध्ये सरस्वति । करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ॥ kar ā gre vasate lak ṣ mi ḥ karamadhye sarasvati . karam ū le tu govinda ḥ prabh ā te karadar ś anam   उत्तिष्ठो उत्तिष्ठ गोविंद उत्तिष्ठ गरुडध्वज । उत्तिष्ठ कमलाकांत त्रैलोक्यं मंगलंकुरु ॥ utti ṣṭ ho utti ṣṭ ha govi ṃ da utti ṣṭ ha garu ḍ adhvaja . utti ṣṭ ha kamal ā k āṃ ta trailokya ṃ ma ṃ gala ṃ kuru   Before you step out of bed in the morning समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले । विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्वमे ॥ samudravasane devi parvatastanama ṇḍ ale . vi ṣṇ upatni namastubhya ṃ p ā daspar ś a ṃ k ṣ amasvame   गोविंदेति सदा स्नानं गोविंदेति सदाजपं । गोविंदेति सदा ध्यानं सदा गोविंद कीर्तनम् ॥ govi ṃ deti sad ā sn ā na ṃ govi ṃ deti sad ā japa ṃ . govi ṃ deti sad ā dhy ā na ṃ sad ā govi ṃ da k ī rtanam ..   गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति । नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु ॥ ga ṅ ge ca yamune caiva ...